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विपक्ष का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज 6 अक्टूबर से 25 नवंबर तक देशभर में आंदोलन का रोडमैप

राष्ट्रीय संवाददाता नई दिल्ली

विपक्ष का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज

6 अक्टूबर से 25 नवंबर तक देशभर में आंदोलन का रोडमैप, CEC को हटाने की मांग

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने देशव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश के अनुसार, अभियान के तहत संसद से लेकर जिला, ब्लॉक, गांव और बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

📅 आंदोलन का पूरा कार्यक्रम

🔴 6 अक्टूबर: INDIA गठबंधन के सांसद संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च निकालेंगे। कांग्रेस की ओर से इस मार्च के जरिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग उठाई जाएगी।

🔴 8 अक्टूबर: विपक्षी दलों की ओर से जिला स्तर पर ‘वोट चोरी’ और CEC को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन एवं मार्च किए जाएंगे।

🔴 10 से 20 अक्टूबर: कांग्रेस ब्लॉक स्तर पर बाइक रैली, साइकिल यात्रा और पदयात्रा के जरिए अभियान चलाएगी। इसके साथ कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लोगों तक पहुंचने का कार्यक्रम दिया गया है।

🔴 25 अक्टूबर से 25 नवंबर: कांग्रेस के अनुसार राज्य, जिला, गांव और बूथ स्तर पर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाया जाएगा। गांवों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

🔴 1 नवंबर: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली प्रस्तावित है, जिसमें विपक्षी दलों को शामिल होने का निमंत्रण दिया जा रहा है।

🔴 25-26 नवंबर: छह अलग-अलग राज्यों से ‘दिल्ली चलो’ यात्राएं निकालकर दिल्ली में महाप्रदर्शन की योजना है।

🗳️ 13.5 करोड़ नामों का मुद्दा भी उठाएगी कांग्रेस

कांग्रेस का दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और पार्टी घर-घर तथा बूथ स्तर पर जाकर ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने का प्रयास करेगी। यह आंकड़ा कांग्रेस द्वारा उठाया गया दावा है; इसे निर्वाचन आयोग द्वारा सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

इस बीच, मतदाता सूची और SIR से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई और कानूनी विवाद चल रहा है। इसलिए पूरे मामले में राजनीतिक दलों के दावों और निर्वाचन आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।

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