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मिट्टी के पटान को लेकर उठे सवाल, ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की रफ्तार से हादसे का खतरा

ब्यूरो रिपोर्ट पीलीभीत

जोगराजपुर क्षेत्र में मिट्टी के पटान को लेकर उठे सवाल, ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की रफ्तार से हादसे का खतरा

सिंगल रोड पर बेखौफ दौड़ रहे मिट्टी से लदे वाहन, फोटो डिलीट कराने के कथित दबाव के बाद मामला गरमाया

जोगराजपुर, जौहरी मार्केट और धनेगा क्षेत्र में बड़े भूखंडों पर मिट्टी भराव की चर्चा, जांच और कार्रवाई की मांग

पूरनपुर (पीलीभीत)। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोगराजपुर और आसपास के इलाकों में बड़े भूखंडों पर मिट्टी के पटान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर मिट्टी की ढुलाई में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और कथित ओवरलोडिंग को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। संकरी सिंगल रोड पर तेज रफ्तार से गुजरते मिट्टी से लदे वाहन राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

कई स्थानों पर मिट्टी के पटान की चर्चा

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जोगराजपुर, जौहरी मार्केट, गोरा गांव की पश्चिमी एससी/एसटी बस्ती और धनेगा मार्केट क्षेत्र में बड़े-बड़े भूखंडों को ऊंचा करने के लिए मिट्टी का भराव कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुबह और शाम के समय मिट्टी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही बढ़ जाती है। हालांकि, मिट्टी की खुदाई और परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। एक ओर सिंगल रोड पर आवारा पशुओं की आवाजाही से राहगीरों को परेशानी होती है, वहीं दूसरी ओर तेज रफ्तार और क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों से दुर्घटना का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

फोटो खींचने के बाद बढ़ा मामला

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सड़क से गुजर रहे एक राहगीर ने मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की तस्वीर अपने मोबाइल में ले ली। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इससे पहले भी ओवरलोडिंग से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। आरोप है कि तस्वीर खींचे जाने के बाद संबंधित राहगीर पर उसे मोबाइल से हटाने का दबाव बनाया गया। हालांकि, इस कथित दबाव की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई और परिवहन किया जा रहा है, तो क्या इसके लिए नियमानुसार अनुमति ली गई है? क्या मिट्टी की ढुलाई में वाहनों की निर्धारित भार क्षमता और सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन हो रहा है? यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित विभागों की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है?ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और संबंधित पुलिस अधिकारियों से मौके की जांच कराने, मिट्टी की खुदाई एवं परिवहन की वैधता की पड़ताल करने तथा ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

क्षेत्र में मिट्टी के पटान, वाहनों की आवाजाही और राहगीर पर कथित दबाव बनाए जाने के मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन को चाहिए कि तथ्यों की पुष्टि कर नियमानुसार कार्रवाई करे, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर रोक लगाई जा सके। संबंधित अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना उचित होगा।

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